Biography of Akbar

अकबर का जन्म अमरकोट केराना 20 साल के महल में 15 अक्टूबर 1542 ईसवी को हुआ था | उस समय उसका पिता हुमायूं शेरशाह सूरी से पराजित होकर निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहा था | कुछ समय के बाद हिमायू नई दिल्ली जीत ली लेकिन जीतने के 8 महीने बाद उसकी मृत्यु हो गई | दिल्ली की गद्दी पर को मिले | उस समय वह केवल 13-14 वर्ष का था |

Akbar was born on 15 October 1542 AD in the 20-year-old palace of Amarkot Kerana. At that time his father Humayun was living in exile, defeated by Sher Shah Suri. After some time Himayu won New Delhi but died 8 months after winning. Get on the throne of Delhi. At that time he was only 13-14 years old.

अतः वह बैरम खां सरदार की देखरेख में राज की देखभाल करने लगा | मैं बाद अकबर ने बैरम खां की मनमानी से तंग आकर राज की बागडोर अपने हाथ में ले ली | अकबर को शुरू के जीवन में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ा जिसके कारण उसकी पढ़ाई लिखाई भी ठीक से ना हो सकी | अंकुर पहला शासक था जिसने समझा कि भारत में हिंदुओं के सहयोग के लिए बिना राज्य चलाना संभव नहीं है |

Therefore, he started looking after Raj under the supervision of Bairam Khan Sardar. After me, Akbar got fed up with the arbitrariness of Bairam Khan and took the reins of Raj in his hand. Akbar had to face a lot of problems in his early life, due to which his studies could not be done properly. Ankur was the first ruler who understood that it is not possible to run a state without the support of Hindus in India.

अकबर ने हिंदुओं से दोस्ती स्थापित करने हेतु आमेर के राजपूत राजा बिहारी मल की पुत्री जोधाबाई से शादी की | हिंदुओं से जजिया कर हटाया, गोवध पर रोक लगाई तथा योग्यता के आधार पर हिंदू/ मुसलमानों को उच्च पदों पर नियुक्त की | उसने जोधपुर, बीकानेर बूंदी आदि राज्यों से भी मित्रता के संबंध बनाएं | हिंदू सेनापति राजा मानसी के सहयोग से उसने अपने राज्य की सीमा का विस्तार किया |

Akbar married Jodha Bai, daughter of Bihari Mal, the Rajput king of Amer, to establish friendship with the Hindus. Removed Jiziya tax from Hindus, prohibited cow slaughter and appointed Hindus / Muslims to higher positions on merit. He also made friendly relations with the states like Jodhpur, Bikaner, Bundi etc. With the help of Hindu commander Raja Mansi, he expanded the boundary of his kingdom.

अकबर ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए हिंदू, मुसलमान, पारसी, जैन, ईसाई आदि धर्म के विद्वानों को धर्म चर्चा के लिए बुलाया तथा सभी धर्म की अच्छी बातों को मिलाकर एक नया धर्म “दीन ए इलाही” चलाया |
अकबर ने दरबारियों में हिंदी कवि रहीम, राजा मानसिंह, अबुल फजल फैजी, टोडरमल, तानसेन तथा बीरबल प्रमुख थे | अकबर ने आगरा फतेहपुर सिकरी में बहुत सी इमारतें बनवाई तथा आगरा और इलाहाबाद में किला बनवाया |

Akbar called scholars of Hinduism, Muslims, Parsis, Jains, Christians, etc. to discuss religion to strengthen national unity, and combined the good things of all religions and started a new religion “Deen e Ilahi”.
Akbar had prominent Hindi poet Rahim, Raja Mansingh, Abul Fazl Faizi, Todarmal, Tansen and Birbal among the courtiers. Akbar built many buildings in Agra Fatehpur Sikri and built forts in Agra and Allahabad.

अकबर की मृत्यु 26 अक्टूबर 1605 में हुई | अकबर की गणना संसार के महान शासकों में की जाती है और उसे “अकबर महान” की संज्ञा से विभूषित भी किया जाता है |

Akbar died on 26 October 1605. Akbar is counted among the great rulers of the world and is also adorned with the noun “Akbar the Great”.

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