Bihar of History(बिहार के इतिहास)

बिहार के इतिहास

बिहार भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज्य है और इसकी राजधानी पटना है। बिहार नाम का प्रादुर्भाव बौद्ध सन्यासियों के ठहरने के स्थान विहार शब्द से हुआ, जिसे विहार के स्थान पर इसके अपभ्रंश रूप बिहार से संबोधित किया जाता है।

बिहार का इतिहास

राजधानी पटना सबसे बड़ा शहर पटना जनसंख्या {{{जनसंख्या}}} – घनत्व 1,106 /किमी² क्षेत्रफल 94,163 किमी² – ज़िले {{{ज़िले}}} राजभाषा हिन्दी गठन 26 जनवरी 1950 सरकार बिहार सरकार – राज्यपाल फागु चौहान – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार – विधानमण्डल द्विसदनीय विधान परिषद (75 सीटें) विधान सभा (243 सीटें)[1] – भारतीय संसद राज्य सभा (16 सीटें) लोक सभा (40 सीटें) – उच्च न्यायालय पटना उच्च न्यायालय डाक सूचक संख्या 80 से 82, 84 और 85 वाहन अक्षर BR आइएसओ 3166-2 IN-BR gov.bih.nic.in बिहार भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज्य है और इसकी राजधानी पटना है। बिहार नाम का प्रादुर्भाव बौद्ध सन्यासियों के ठहरने के स्थान विहार शब्द से हुआ, जिसे विहार के स्थान पर इसके अपभ्रंश रूप बिहार से संबोधित किया जाता है। बिहार के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में झारखण्ड, पूर्व में पश्चिम बंगाल, और पश्चिम में उत्तर प्रदेश स्थित है। यह क्षेत्र गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में बसा है। प्राचीन काल में विशाल साम्राज्यों का गढ़ रहा यह प्रदेश, वर्तमान में अर्थव्यवस्था के आकार के आधार पर भारत के राज्य के सामान्य योगदाताओं में से एक बनकर रह गया है। भारत में क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार वर्तमान में 13 वाँ राज्य है। सन् 1936 ई• में ओडिशा और सन् 2000 ई॰ में झारखण्ड के अलग हो जाने से बिहार ने कृषि के दम पर और अपने मेधा को लेकर उन्नति की है। संघ लोक सेवा आयोग और आई आई टी अनुक्रम • 1इतिहास o 1.1प्राचीन काल o 1.2मध्यकाल o 1.3आधुनिक काल • 2भौगोलिक स्थिति • 3भाषा और संस्कृति • 4खानपान • 5खेलकूद o 5.1उद्योग o 5.2सिंचाई • 6शिक्षा o 6.1विश्वविद्यालय  6.1.1बिहार के विश्वविद्यालय  6.1.2चिकित्सा संस्थान  6.1.3अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थान • 7सरकार एवं प्रशासन o 7.1बिहार सरकार o 7.2प्रशासन • 8दर्शनीय स्थल o 8.1बाहरी कड़ियाँ • 9जनजातियां • 10इन्हें भी देखें • 11सन्दर्भ • 12बाहरी कड़ियाँ इतिहास मुख्य लेख: बिहार का इतिहास वर्तमान बिहार विभिन्न एतिहासिक क्षेत्रों से मिलकर बना है। बिहार के क्षेत्र जैसे-मगध, मिथिला और अंग- धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन भारत के महाकाव्यों में वर्णित हैं। प्राचीन काल मुख्य लेख: बिहार का प्राचीन इतिहास सारण जिले में गंगा नदी के उत्तरी किनारे पर चिरांद, नवपाषाण युग (लगभग 4500-2345 ईसा पूर्व) और ताम्र युग ( 2345-1726 ईसा पूर्व) से एक पुरातात्विक रिकॉर्ड है। मिथिला को पहली बार इंडो-आर्यन लोगों ने विदेह साम्राज्य की स्थापना के बाद प्रतिष्ठा प्राप्त की। देर वैदिक काल (सी। 1600-1100 ईसा पूर्व) के दौरान, विदेह् दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक बन गया, कुरु और पंचाल् के साथ। वेदहा साम्राज्य के राजा यहांजनक कहलाते थे। मिथिला के जनक की पुत्री एक थी सीता जिसका वाल्मीकि द्वारा लिखी जाने वाली हिंदू महाकाव्य, रामायण में भगवान राम की पत्नी के रूप में वर्णित है। बाद में विदेह राज्य के वाजिशि शहर में अपनी राजधानी था जो वज्जि समझौता में शामिल हो गया, मिथिला में भी है। वज्जि के पास एक रिपब्लिकन शासन था जहां राजा राजाओं की संख्या से चुने गए थे। जैन धर्म और बौद्ध धर्म से संबंधित ग्रंथों में मिली जानकारी के आधार पर, वज्जि को 6 ठी शताब्दी ईसा पूर्व से गणराज्य के रूप में स्थापित किया गया था, गौतम बुद्ध के जन्म से पहले 563 ईसा पूर्व में, यह दुनिया का पहला गणतंत्र था। जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म वैशाली में हुआ था। आधुनिक-पश्चिमी पश्चिमी बिहार के क्षेत्र में मगध 1000 वर्षों के लिए भारत में शक्ति, शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बने। ऋग्वेदिक् काल मे यह ब्रिहद्रत वंश का शासन था।सन् 684 ईसा पूर्व में स्थापित हरयंक वंश, राजगृह (आधुनिक राजगीर) के शहर से मगध पर शासन किया। इस वंश के दो प्रसिद्ध राजा बिंबिसार और उनके बेटे अजातशत्रु थे, जिन्होंने अपने पिता को सिंहासन पर चढ़ने के लिए कैद कर दिया था। अजातशत्रु ने पाटलिपुत्र शहर की स्थापना की जो बाद में मगध की राजधानी बन गई। उन्होंने युद्ध की घोषणा की और बाजी को जीत लिया। हिरुआँ वंश के बाद शिशुनाग वंश का पीछा किया गया था। बाद में नंद वंश ने बंगाल से पंजाब तक फैले विशाल साम्राज्य पर शासन किया। भारत की पहली साम्राज्य, मौर्य साम्राज्य द्वारा नंद वंश को बदल दिया गया था। मौर्य साम्राज्य और बौद्ध धर्म का इस क्षेत्र में उभार रहा है जो अब आधुनिक बिहार को बना देता है। 325 ईसा पूर्व में मगध से उत्पन्न मौर्य साम्राज्य, चंद्रगुप्त मौर्य ने स्थापित किया था, जो मगध में पैदा हुआ था। इसकी पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में इसकी राजधानी थी। मौर्य सम्राट, अशोक, जो पाटलीपुत्र (पटना) में पैदा हुए थे, को दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा शासक माना जाता है। मौर्य सम्राजय भारत की आजतक की सबसे बड़ी सम्राजय थी ये पश्चिम मे ईरान से लेकर पूर्व मे बर्मा तक और उत्तर मे मध्य-एशिया से लेकर दक्षिण मे श्रीलंका तक पूरा भारतवर्ष मे फैला था। इस सम्राजय के पहले राजा चंद्रगुप्त मौर्य ने कै ग्रीक् सतराप् को हराकर अफ़ग़ानिस्तां के हिस्से को जीता। इनकी सबसे बड़ी विजय ग्रीस से पश्चिम-एशिय थक के यूनानी राजा सेलेक्यूज़ निकेटर को हराकर पर्शिया का बड़ा हिस्सा जीत लिया था और संधि मे यूनानी राजकुमारी हेलेन से विवाह किये जो कि सेलेक्यूज़ निकटोर कि पुत्री थी और हमेसा के लिए यूनाननियो को भारत से बाहर रखा। इनके प्रधानमंत्री चाणक्य ने अर्थशास्त्र कि रचना कि जो इनके गुरु और मार्गदर्शक थे। इनके पुत्र बिन्दुसार ने इस सम्राजय को और दूर थक फैलाया व दक्षिण तक स्थापित किया। सम्रात् अशोक इस सम्राजय के सबसे बड़े राजा थे। इनका पूरा राज नाम देवानामप्रिय प्रियादर्शी एवं राजा महान सम्रात् अशोक था। इन्होंने अपने उपदेश स्तंभ, पहाद्, शीलालेख पे लिखाया जो भारत इतिहास के लिया बहुत महातवपूर्ण है। येे लेख् ब्राह्मी, ग्रीक, अरमिक् मे पूरे अपने सम्राजय मे अंकित् किया। इनके मृत्या के बाद मौर्य सम्राजय को इनके पुत्रोने दो हिस्से मे बात कर पूर्व और पश्चिम मौर्य रज्या कि तरह रज्या किया। इस सम्राजय कि अंतिम शासक ब्रिहद्रत् को उनके ब्राह्मिन सेनापति पुष्यमित्र शूंग ने मारकर वे मगध पे अपना शासन स्थापित किया। सन् 240 ए में मगध में उत्पन्न गुप्त साम्राज्य को विज्ञान, गणित, खगोल विज्ञान, वाणिज्य, धर्म और भारतीय दर्शन में भारत का स्वर्ण युग कहा गया। इस वंश के महान राजा समुद्रगुप्त ने इस सम्राजय को पूरे दक्षिण एशिय मे स्थापित किया। इनके पुत्र चँद्रगुप्त विक्रमादित्य ने भारत के सारे विदेशी घुसपैट्या को हरा कर देश से बाहर किया इसीलिए इन्हे सकारी की उपादि दी गई। इन्ही गुप्त राजाओं मे से प्रमुख स्कंदगुप्त ने भारत मे हूणों का आक्रमं रोका और उनेे भारत से बाहर भगाया और देश की बाहरी लोगो से रक्षा की। उस समय गुप्त सम्राजय दुनिया कि सबसे बड़ी शक्ती साली राजया था। इसका राज पशिम मे पर्शिया या बग़दाद से पूर्व मे बर्मा तक और उत्तर मे मध्य एशिया से लेकर दक्षिण मे कांचीपुरम तक फैला था। इसकी राजधानी पटलीपुत्र था। इस सम्राजय का प्रभाव पूरी विश्व मे था रोम, ग्रीस, अरब से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिय तक था। मध्यकाल मुख्य लेख: बिहार का मध्यकालीन इतिहास मगध में बौद्ध धर्म मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी के आक्रमण की वजह से गिरावट में पड़ गया, जिसके दौरान कई विहार और नालंदा और विक्रमशिला के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया गया। यह दावा किया गया कि 12 वीं शताब्दी के दौरान हजारों बौद्ध भिक्षुओं की हत्या हुई थी। डी.एन. झा सुझाव देते हैं, इसके बजाय, ये घटनाएं सर्वोच्चता के लिए लड़ाई में बौद्ध ब्राह्मण की झड़पों का परिणाम थीं। 1540 में, महान पस्तीस के मुखिया, सासाराम के शेर शाह सूरी, सम्राट हुमायूं की मुगल सेना को हराकर मुगलों से उत्तरी भारत ले गए थे। शेर शाह ने अपनी राजधानी दिल्ली की घोषणा की और 11 वीं शताब्दी से लेकर 20 वीं शताब्दी तक, मिथिला पर विभिन्न स्वदेशीय राजवंशों ने शासन किया था। इनमें से पहला, जहां कर्नाट, अनवर राजवंश, रघुवंशी और अंततः राज दरभंगा के बाद। इस अवधि के दौरान मिथिला की राजधानी दरभंगा में स्थानांतरित की गई थी।ab आधुनिक काल मुख्य लेख: बिहार का आधुनिक इतिहास 1857 के प्रथम सिपाही विद्रोह में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1905 में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया। 1936 में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार में चंपारण के विद्रोह को, अंग्रेजों के खिलाफ बग़ावत फैलाने में अग्रगण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और 15 नवंबर 2000 में झारखंड राज्य को इससे अलग कर दिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन में भी बिहार की गहन भूमिका रही। देखें भारत छोड़ो आन्दोलन और बिहार भौगोलिक स्थिति मुख्य लेख: बिहार का भूगोल

बिहार का उपग्रह द्वारा लिया गया चित्र उत्तर भारत में 24°20’10” ~ 27°31’15” उत्तरी अक्षांश तथा 83°19’50” ~ 88°17’40” पूर्वी देशांतर के बीच बिहार एक हिंदी भाषी राज्य है। राज्य का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 92,257.51 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र है। झारखंड के अलग हो जाने के बाद बिहार की भूमि मुख्यतः नदियों के मैदान एवं कृषियोग्य समतल भूभाग है। गंगा के पूर्वी मैदान में स्थित इस राज्य की औसत ऊँचाई १७३ फीट है। भौगोलिक तौर पर बिहार को तीन प्राकृतिक विभागो में बाँटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय एवं तराई भाग, मध्य का विशाल मैदान तथा दक्षिण का पहाड़ी किनारा। उत्तर का पर्वतीय प्रदेश सोमेश्वर श्रेणी का हिस्सा है। इस श्रेणी की औसत उचाई 455 मीटर है परन्तु इसका सर्वोच्च शिखर 874 मीटर उँचा है। सोमेश्वर श्रेणी के दक्षिण में तराई क्षेत्र है। यह दलदली क्षेत्र है जहाँ साल वॄक्ष के घने जंगल हैं। इन जंगलों में प्रदेश का इकलौता बाघ अभयारण्य वाल्मिकीनगर में स्थित है। मध्यवर्ती विशाल मैदान बिहार के 95% भाग को समेटे हुए हैं। भौगोलिक तौर पर इसे चार भागों में बाँटा जा सकता है:- • 1- तराई क्षेत्र यह सोमेश्वर श्रेणी के तराई में लगभग 10 किलोमीटर चौ़ड़ा कंकर-बालू का निक्षेप है। इसके दक्षिण में तराई उपक्षेत्र है जो प्रायः दलदली है। • 2-भांगर क्षेत्र यह पुराना जलोढ़ क्षेत्र है। समान्यतः यह आस पास के क्षेत्रों से 7-8 मीटर ऊँचा रहता है। • 3-खादर क्षेत्र इसका विस्तार गंडक से कोसी नदी के क्षेत्र तक सारे उत्तरी बिहार में है। प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण यह क्षेत्र बहुत उपजाऊ है। परन्तु इसी बाढ़ के कारण यह क्षेत्र तबाही के कगार पर खड़ा है। गंगा नदी राज्य के लगभग बीचों-बीच बहती है। उत्तरी बिहार बागमती, कोशी, बूढी गंडक, गंडक, घाघरा और उनकी सहायक नदियों का समतल मैदान है। सोन, पुनपुन, फल्गू तथा किऊल नदी बिहार में दक्षिण से गंगा में मिलनेवाली सहायक नदियाँ है। बिहार के दक्षिण भाग में छोटानागपुर का पठार, जिसका अधिकांश हिस्सा अब झारखंड है, तथा उत्तर में हिमालय पर्वत की नेपाल श्रेणी है। हिमालय से उतरने वाली कई नदियाँ तथा जलधाराएँ बिहार होकर प्रवाहित होती है और गंगा में विसर्जित होती हैं। वर्षा के दिनों में इन नदियों में बाढ़ की एक बड़ी समस्या है। राज्य का औसत तापमान गृष्म ऋतु में 35-45 डिग्री सेल्सियस तथा जाड़े में 5-15 डिग्री सेल्सियस रहता है। जाड़े का मौसम नवंबर से मध्य फरवरी तक रहता है। अप्रैल में गृष्म ऋतु का आरंभ होता है जो जुलाई के मध्य तक रहता है। जुलाई-अगस्त में वर्षा ऋतु का आगमन होता है जिसका अवसान अक्टूबर में होने के साथ ही ऋतु चक्र पूरा हो जाता है। औसतन 1205 मिलीमीटर वर्षा का का वार्षिक वितरण लगभग 52 दिनों तक रहता है जिसका अधिकांश भाग मानसून से होनेवाला वर्षण है। उत्तर में भूमि प्रायः सर्वत्र उपजाऊ एवं कृषियोग्य है। धान, गेंहूँ, दलहन, मक्का, तिलहन, तम्बाकू,सब्जी तथा केला, आम और लीची जैसे कुछ फलों की खेती की जाती है। हाजीपुर का केला एवं मुजफ्फरपुर की लीची बहुत ही प्रसिद्ध है। भाषा और संस्कृति हिंदी बिहार की राजभाषा और उर्दू द्वितीय राजभाषा है।[2][3]मैथिली भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची में सम्मिलित एकमात्र बिहारी भाषा है।[4]भोजपुरी, मगही, अंगिका तथा बज्जिका बिहार में बोली जाने वाली अन्य प्रमुख भाषाओं और बोलियों में सम्मिलित हैं।[5]प्रमुख पर्वों में छठ, होली, दीपावली, दशहरा, महाशिवरात्रि, नागपंचमी, श्री पंचमी, मुहर्रम, ईद,तथा क्रिसमस हैं। सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म स्थान होने के कारण पटना सिटी (पटना) में उनकी जयन्ती पर भी भारी श्रद्धार्पण देखने को मिलता है। बिहार ने हिंदी को सबसे पहले राज्य की अधिकारिक भाषा माना है।[6] खानपान बिहार अपने खानपान की विविधता के लिए प्रसिद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनो व्यंजन पसंद किये जाते हैं। मिठाईयों की विभिन्न किस्मों के अतिरिक्त अनरसा की गोली, खाजा, मोतीचूर लड्डू, तिलकुट यहाँ की खास पसंद है। सत्तू, चूड़ा-दही और लिट्टी-चोखा जैसे स्थानीय व्यंजन तो यहाँ के लोगों की कमजोरी हैं। लहसुन की चटनी भी बहुत पसंद करते हैं। लालू प्रसाद के रेल मंत्री बनने के बाद तो लिट्टी-चोखा भारतीय रेल के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी मिलने लगा है। सुबह के नास्ते में चूड़ा-दही या पूरी-जलेबी खूब खाये जाते हैं। चावल-दाल-सब्जी और रोटी बिहार का सामान्य भोजन है। बिहार की मालपुआ काफी स्वादिष्ट होता है। यह उत्तर भारत में बनाये जाने वाली डिश है। बिहार की बाकी व्यंजनों में दालपूरी, खाजा, मखाना खीर, पेरूकिया, खजुरी, बैगन का भरता आदि शामिल है। खेलकूद भारत के अन्य कई जगहों की तरह क्रिकेट यहाँ भी सर्वाधिक लोकप्रिय है। इसके अलावा फुटबॉल, हाकी, टेनिस, खो-खो और गोल्फ भी पसन्द किया जाता है। बिहार का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण होने के कारण पारंपरिक भारतीय खेल कबड्डी हैं। उद्योग राज्‍य के मुख्‍य उद्योग हैं – • मुंगेर में सिगरेट कारखाना आई टी सी • मुंगेर में आई टी सी के अन्य उत्पाद अगरबत्ती, माचिस तथा चावल-आटा आदि का निर्माण • मुंगेर में बंदुक फैक्टरी • मुेंगेर के जमालपुर में रेल कारखाना • एशिया प्रसिद्ध रेल क्रेन कारखाना जमालपुर • भागलपुर में शिल्क उधाेग • मुजफ्फरपुर और मोकामा में ‘भारत वैगन लिमिटेड’ का रेलवे वैगन संयंत्र, • बरौनी में भारतीय तेल निगम का तेलशोधक कारख़ाना है। • बरौनी का एच.पी.सी.एल. और अमझोर का पाइराइट्स फॉस्‍फेट एंड कैमिकल्‍स लिमिटेड (पी.पी.सी.एल.) राज्‍य के उर्वरक संयंत्र हैं। • सीवान, भागलपुर, पंडौल, मोकामा और गया में पांच बड़ी सूत कताई मिलें हैं। • उत्तर व दक्षिण बिहार में 13 चीनी मिलें हैं, जो निजी क्षेत्र की हैं तथा 15 चीनी मिलें सार्वजनिक क्षेत्र की हैं जिनकी कुल पेराई क्षमता 45,00 टी. • पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर और बरौनी में चमड़ा प्रसंस्‍करण के उद्योग है। • कटिहार और समस्‍तीपुर में तीन बड़े पटसन के कारखाने हैं। • हाजीपुर में दवाएं बनाने का कारख़ाना ,औरंगाबाद और पटना में खाद्य प्रसंस्‍करण और वनस्‍पति बनाने के कारखाने हैं। • इसके अलावा बंजारी के कल्‍याणपुर सीमेंट लिमिटेड नामक सीमेंट कारखाने का बिहार के औद्योगिक नक्‍शे में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। • औरंगाबाद का नया श्री सीमेंट का कारखाना सिंचाई बिहार में कुल सिंचाई क्षमता 28.63 लाख हेक्‍टेयर है। यह क्षमता बड़ी तथा मंझोली सिंचाई परियोजनाओं से जुटाई जाती है। यहाँ बड़ी और मध्‍यम सिंचाई परियोजनाओं का सृजन किया गया है और 48.97 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई प्रमुख सिंचाई योजनाओं के माध्‍यम से की जाती है। बिहार में शिचाई नलकूप, कुंआ,और मानसून पर निर्भर करता है शिक्षा एक समय बिहार शिक्षा के सर्वप्रमुख केन्द्रों में गिना जाता था। नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय तथा ओदंतपुरी विश्वविद्यालय प्राचीन बिहार के गौरवशाली अध्ययन केंद्र थे। १९१७ में खुलने वाला पटना विश्वविद्यालय काफी हदतक अपनी प्रतिष्ठा कायम रखने में सफल रहा। किंतु स्वतंत्रता के पश्चात शैक्षणिक संस्थानों में राजनीति तथा अकर्मण्यता करने से शिक्षा के स्तर में गिरावट आई। हाल के दिनों में उच्च शिक्षा की स्थिति सुधरने लगी है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की स्थिति भी अच्छी हो रही है। हाल में पटना में एक भारतीय प्राद्यौगिकी संस्थान और राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी संस्थान तथा हाजीपुर में केंद्रीय प्लास्टिक इंजिनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्युट तथा केंद्रीय औषधीय शिक्षा एवं शोध संस्थान खोला गया है, जो अच्छा संकेत है। बिहार के सभी जिलों मे 2019 में एक-एक सरकारी इंजिनियरिंग कॉलेज खोला गया है। विश्वविद्यालय बिहार के विश्वविद्यालय • भारतीय सूचना प्रोद्योगिकी संस्थान, भागलपुर • महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण • दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बोधगया • बिहार कृषि विशवविधालय सबौर, भागलपुर • पटना विश्वविद्यालय, पटना • पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना • मगध विश्वविद्यालय, बोधगया • बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर • तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर • ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा • कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा • जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा • भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा • मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर • पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया • वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा • नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय, पटना • मौलाना मजहरुल हक़ अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय,पटना • राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर • आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना चिकित्सा संस्थान • पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना • इंदिरागाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना • नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना • बुद्धा दंत चिकित्सा संस्थान एवं अस्पताल, पटना • श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, मुजफ्फरपुर • राय बहादुर टुनकी साह होमियोपैथिक कॉलेज और अस्पताल,मुजफ्फरपुर • अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, गया • दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लहेरियासराय • कटिहार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटिहार • जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज और अस्पताल, भागलपुर • वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स, पावापुरी, नालंदा • AIIMS PATNA • मधुबनी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मधुबनी अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थान • शेरिकलचर इंसटीचयूट भागलपुर • चाणक्य विधि विश्वविद्यालय, पटना • अनुग्रह नारायण सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना • ललितनारायण मिश्रा सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना • केंद्रीय प्लास्टिक इंजिनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्युट (सिपेट), हाजीपुर • केंद्रीय औषधीय शिक्षा एवं शोध संस्थान (नाइपर), हाजीपुर • होटल प्रबंधन, खानपान एवं पोषाहार संस्थान, हाजीपुर • प्राकृत जैनशास्त्र एवं अहिंसा संस्थान, वैशाली सरकार एवं प्रशासन बिहार सरकार बिहार राज्य भारतीय गणराज्य के संघीय ढाँचे में द्विसदनीय व्यवस्था के अन्तर्गत आता है। राज्य का संवैधानिक मुखिया राज्यपाल है लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद के हाथ में होता है। विधानसभा में चुनकर आनेवाले विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री का चुनाव पाँच वर्षों के लिए किया जाता है जबकि राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है। प्रत्यक्ष चुनाव में बहुमत प्राप्त करनेवाले राजनीतिक दल अथवा गठबंधन के आधार पर सरकार बनाए जाते हैं। उच्च सदन या विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष ढंग से ६ वर्षों के लिए होता है। प्रशासन प्रशासनिक सुविधा के लिए बिहार राज्य को 9 प्रमंडल तथा 38 मंडल (जिला) में बाँटा गया है। जिलों को क्रमश: 101 अनुमंडल, 534 प्रखंड (अंचल), 8,471 पंचायत, 45,103 गाँव में बाँटा गया है। राज्य का मुख्य सचिव नौकरशाही का प्रमुख होता है जिसे श्रेणीक्रम में आयुक्त, जिलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी या अंचलाधिकारी तथा इनके साथ जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण रिपोर्ट करते हैं। पंचायत तथा गाँवों का कामकाज़ सीधेतौर पर चुनाव कराकर मुखिया, सरपंच तथा वार्ड सदस्यों के अधीन संचालित किया जाता है। नगरपालिका आम निर्वाचन 2017 के बाद बिहार में नगर निगमों की संख्या 12, नगर परिषदों की संख्या 49 और नगर पंचायतों की संख्या 80 है।[7][8][9][10][11] पटना, तिरहुत, सारण, दरभंगा, कोशी, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर तथा मगध प्रमंडल के अन्तर्गत आनेवाले जिले इस प्रकार हैं: मुख्य लेख: बिहार के जिले • अररिया *अरवल *औरंगाबाद *कटिहार *किशनगंज *खगड़िया *गया *गोपालगंज *छपरा *जमुई *जहानाबाद *दरभंगा *नवादा *नालंदा *पटना *पश्चिम चंपारण *पूर्णिया *पूर्वी चंपारण *बक्सर *बाँका *बेगूसराय *भभुआ *भोजपुर *भागलपुर *मधेपुरा *मुंगेर *मुजफ्फरपुर *मधुबनी *सासाराम *लखीसराय *वैशाली *सहरसा *समस्तीपुर *सीतामढी *सीवान *सुपौल *शिवहर *शेखपुरा दर्शनीय स्थल पटना एवं आसपासः मुख्य लेख: पटना के पर्यटन स्थल

सभ्यता द्वार. पटना राज्य की वर्तमान राजधानी तथा महान ऐतिहासिक स्थल है। अतीत में यह सत्ता, धर्म तथा ज्ञान का केंद्र रहा है। निम्न स्थल पटना के महत्वपूर्ण दार्शनिक स्थल हैं: • प्राचीन एवं मध्यकालीन इमारतें: कुम्रहार परिसर, अगमकुआँ, महेन्द्रूघाट, शेरशाह के द्वारा बनवाए गए किले का अवशेष • ब्रिटिश कालीन भवन: जालान म्यूजियम, गोलघर, पटना संग्रहालय, विधान सभा भवन, हाईकोर्ट भवन, सदाकत आश्रम • धार्मिक स्थल : महावीर मंदिर,बड़ी पटनदेवी,छोटी पटनदेवी,शीतला माता मंदिर,इस्कॉन मंदिर,हरमंदिर(पटना), महाबोधि मंदिर(गया), माता सीता की जन्मस्थली(सीतामढ़ी), कवि विद्यापति सह उगना महादेव मंदिर(मधुबनी), द•भारत स्थापत्यकला विष्णु मंदिर(सुपौल), सिहेश्वरनाथ मंदिर(मधेपुरा), सबसे ऊँची काली मंदिर(अररिया), नृसिंह अवतार स्थल(पूर्णियाँ), सूर्य मंदिर,नवलख्खा मंदिर,थावे(गोपालगंज)माँ दुर्गा माता मंदिर,नेचुआ जलालपुर रामबृक्ष धाम, दुर्गा मंदिर, अमनौर वैष्णो धाम ,आमी अम्बिका दुर्गा मंदिर,माँ दुर्गा की मंदिर छपरा, सीता जी का जन्म स्थान, पादरी की हवेली, शेरशाह की मस्जिद, बेगू ह्ज्जाम की मस्जिद, पत्थर की मस्जिद, जामा मस्जिद, फुलवारीशरीफ में बड़ी खानकाह, मनेरशरीफ – सूफी संत हज़रत याहया खाँ मनेरी की दरगाह, भारत की प्रथम महिला सूफी संत हजरत बीबी कमाल का कब्र (जहानाबाद) mithilanchal • ज्ञान-विज्ञान के केंद्र: पटना तारामंडल, पटना विश्वविद्यालय, सच्चिदानंद सिन्हा लाइब्रेरी, संजय गाँधी जैविक उद्यान, श्रीकृष्ण सिन्हा विज्ञान केंद्र, खुदाबक़्श लाइब्रेरी एवं विज्ञान परिसर सारण तथा आसपास मुख्य लेख: सारण प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा से लगनेवाला सोनपुर मेला[12], सारण जिला का नवपाषाण कालीन चिरांद गाँव[13], कोनहारा घाट, नेपाली मंदिर, रामचौरा मंदिर, १५वीं सदी में बनी मस्जिद, दीघा-सोनपुर रेल-सह-सड़क पुल, महात्मा गाँधी सेतु, गुप्त एवं पालकालीन धरोहरों वाला चेचर गाँव वैशाली तथा आसपास छठी सदी इसापूर्व में वज्जिसंघ द्वारा स्थापित विश्व का प्रथम गणराज्य के अवशेष, अशोक स्तंभ, बसोकुंड में भगवान महावीर की जन्म स्थली, अभिषेक पुष्करणी, विश्व शांतिस्तूप, राजा विशाल का गढ, चौमुखी महादेव मंदिर, भगवान महावीर के जन्मदिन पर वैशाख महीने में आयोजित होनेवाला वैशाली महोत्सव राजगीर तथा आसपास राजगृह मगध साम्राज्य की पहली राजधानी तथा हिंदू, जैन एवं बौध धर्म का एक प्रमुख दार्शनिक स्थल है। भगवान बुद्ध तथा वर्धमान महावीर से जुडा कई स्थान अति पवित्र हैं। वेणुवन, सप्तपर्णी गुफा, गृद्धकूट पर्वत, जरासंध का अखाड़ा, गर्म पानी के कुंड, मख़दूम कुंड आदि राजगीर के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल हैं। नालंदा तथा आसपासः नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, पावापुरी में भगवान महावीर का परिनिर्वाण स्थल एवं जलमंदिर, बिहारशरीफ में मध्यकालीन किले का अवशेष एवं १४वीं सदी के सूफी संत की दरगाह (बड़ी दरगाह एवं छोटी दरगाह), नवादा के पास ककोलत जलप्रपात गया एवं बोधगया हिंदू धर्म के अलावे बौद्ध धर्म मानने वालों का यह सबसे प्रमुख दार्शनिक स्थल है। पितृपक्ष के अवसर पर यहाँ दुनिया भर से हिंदू आकर फल्गू नदी किनारे पितरों को तर्पण करते हैं। विष्णुपद मंदिर, बोधगया में भगवान बुद्ध से जुड़ा पीपल का वृक्ष तथा महाबोधि मंदिर के अलावे तिब्बती मंदिर, थाई मंदिर, जापानी मंदिर, बर्मा का मंदिर, बौधनी पहाड़ी { इमामगंज } भागलपुर तथा आसपास प्राचीन शिक्षा स्थल के अलावे यह बिहार में तसर सिल्क उद्योग केंद्र है। पाल शासकों द्वारा बनवाये गये प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय का अवशेष, वैद्यनाथधाम मंदिर, सुलतानगंज, मुंगेर में बनवाया मीरकासिम का किला, मंदार पर्वत बौंसी बाँका एक प्रमुख धार्मिक स्थल जो तीन धर्मो का संगम स्थल है। विष्णुपुराण के अनुसार समुद्र मंथन यही संपन्न हुआ था और यही पर्वत जिसका प्राचीन नाम मंद्राचल पर्वत( मंदार वर्तमान में) जो की मथनी के रूप में प्रयुक्त हुआ था। चंपारण सम्राट अशोक द्वारा लौरिया में स्थापित स्तंभ, लौरिया का नंदन गढ़, नरकटियागंज का चानकीगढ़, वाल्मीकिनगर जंगल, बापू द्वारा स्थापित भीतीहरवा आश्रम, तारकेश्वर नाथ तिवारी का बनवाया रामगढ़वा हाई स्कूल, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय महात्मा गाँधी एवं अन्य सेनानियों की कर्मभूमि तथा अरेराज में भगवान शिव का मन्दिर, केसरिया में दुनिया का सबसे बड़ा बुद्ध स्तूप जो पूर्वी चंपारण में एक आदर्श पर्यटन स्थल है . सीतामढी तथा आसपास पुनौरा में देवी सीता की जन्मस्थली, जानकी मंदिर एवं जानकी कुंड, हलेश्वर स्थान, पंथपाकड़, यहाँ से सटे नेपाल के जनकपुर जाकर भगवान राम का स्वयंवर स्थल भी देखा जा सकता है। सासाराम अफगान शैली में बनाया गया अष्टकोणीय शेरशाह का मक़बरा वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। देव – देव सूर्य मंदिर

देव सूर्य मंदिर की तस्वीर अद्भुत शिल्प कला का स्वरूप देव सूर्य मंदिर, देवार्क सूर्य मंदिर या केवल देवार्क के नाम से प्रसिद्ध, यह भारतीय राज्य बिहार के औरंगाबाद जिले में देव नामक स्थान पर स्थित एक हिंदू मंदिर है जो देवता सूर्य को समर्पित है। यह सूर्य मंदिर अन्य सूर्य मंदिरों की तरह पूर्वाभिमुख न होकर पश्चिमाभिमुख है।[14] देवार्क मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला के लिए भी जाना जाता है। पत्थरों को तराश कर बनाए गए इस मंदिर की नक्काशी उत्कृष्ट शिल्प कला का नमूना है। इतिहासकार इस मंदिर के निर्माण का काल छठी – आठवीं सदी के मध्य होने का अनुमान लगाते हैं जबकि अलग-अलग पौराणिक विवरणों पर आधारित मान्यताएँ और जनश्रुतियाँ इसे त्रेता युगीन अथवा द्वापर युग के मध्यकाल में निर्मित बताती हैं। परंपरागत रूप से इसे हिंदू मिथकों में वर्णित, कृष्ण के पुत्र, साम्ब द्वारा निर्मित बारह सूर्य मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर के साथ साम्ब की कथा के अतिरिक्त, यहां देव माता अदिति ने की थी पूजा मंदिर को लेकर एक कथा के अनुसार प्रथम देवासुर संग्राम में जब असुरों के हाथों देवता हार गये थे, तब देव माता अदिति ने तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति के लिए देवारण्य में छठी मैया की आराधना की थी। तब प्रसन्न होकर छठी मैया ने उन्हें सर्वगुण संपन्न तेजस्वी पुत्र होने का वरदान दिया था। इसके बाद अदिति के पुत्र हुए त्रिदेव रूप आदित्य भगवान, जिन्होंने असुरों पर देवताओं को विजय दिलायी। कहते हैं कि उसी समय से देव सेना षष्ठी देवी के नाम पर इस धाम का नाम देव हो गया और छठ का चलन भी शुरू हो गया। अतिरिक्त पुरुरवा ऐल, और शिवभक्त राक्षसद्वय माली-सुमाली की अलग-अलग कथाएँ भी जुड़ी हुई हैं जो इसके निर्माण का अलग-अलग कारण और समय बताती हैं। एक अन्य विवरण के अनुसार देवार्क को तीन प्रमुख सूर्य मंदिरों में से एक माना जाता है, अन्य दो लोलार्क (वाराणसी) और कोणार्क हैं। मंदिर में सामान्य रूप से वर्ष भर श्रद्धालु पूजा हेतु आते रहते हैं। हालाँकि, यहाँ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विशेष तौर पर मनाये जाने वाले छठ पर्व के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ती है। बाहरी कड़ियाँ • बिहार के पर्यटन स्थल – भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जनजातियां • भील – भील जनजाति भारत की प्रमुख प्राचीन जनजाति है , इस जनजाति ने बिहार के कई इलाकों पर शासन किया । [15] इन्हें भी देखें • बिहार का इतिहास • पटना के पर्यटन स्थल • बिहारी खाना • सुपर-३० • भगवान महावीर का साधना काल सन्दर्भ 1. ↑ “संग्रहीत प्रति”. मूल से 25 सितंबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 सितंबर 2019. 2. ↑ “The Bihar Official Language Act, 1950” (PDF). Cabinet Secretariat Department, Government of Bihar. 1950. मूल से 13 April 2015 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 9 April 2015. 3. ↑ Benedikter, Thomas (2009). Language Policy and Linguistic Minorities in India: An Appraisal of the Linguistic Rights of Minorities in India. Münster: LIT Verlag. पृ॰ 89. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-3-643-10231-7. मूल से 19 October 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 April 2015. 4. ↑ “Archived copy” (PDF). मूल (PDF) से 5 March 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 May 2016. 5. ↑ Chitransh, Anugya (1 September 2012). “Bhojpuri is not the only language in Bihar”. Hill Post. मूल से 28 दिसंबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 April 2015. 6. ↑ “संग्रहीत प्रति”. मूल से 3 अप्रैल 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 अप्रैल 2019. 7. ↑ “Bihar Civic elections likely in May 2017”. मूल से 31 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मार्च 2017. 8. ↑ “बिहार : नगर विकास एवं आवास विभाग की पहल, पुनर्गठन से नगर परिषदों की बढ़ जायेगी संख्या”. मूल से 24 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 मार्च 2017. 9. ↑ “Ward delimitation begins in Chhapra”. मूल से 27 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 मार्च 2017. 10. ↑ “पहली बार कोई महिला बनेगी पटना नगर निगम की मेयर”. मूल से 24 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 मार्च 2017. 11. ↑ “छपरा को निगम बख्तियारपुर को मिला नगर परिषद का दर्जा”. मूल से 24 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 मार्च 2017. 12. ↑ “उत्तर वैदिक काल से शुरू हुआ था सोनपुर मेला”. मूल से 26 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 मार्च 2017. 13. ↑ “BIHAR: A QUICK GUIDE TO SARAN”. मूल से 23 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 22 मार्च 2017. 14. ↑ {{cite web | last=Sharma | first=Sunil | title=खुद को बचाने के लिए सूर्य मंदिर ने बदल ली थी दिशा | website=www.patrika.com | date=3 जनवरी 2015 | url=https://www.patrika.com/news/temples/ancient-surya-temple-changed-direction-from-east-to-west-to-save-itself-1001498 Archived 10 जनवरी 2018 at the वेबैक मशीन. 15. ↑ साँचा:Https://trci.tripura.gov.in/bhil बाहरी कड़ियाँ • बिहार सरकार का जालस्थल • बिहार में गीत-संगीत [छुपाएँ] • दे • वा • सं बिहार राजधानी: पटना भूभाग दक्षिणी भूभाग * उतरी भूभाग बिषय बिहार का इतिहास * (प्राचीन * मध्यकालीन * आधुनिक) * भूगोल * खाना * संस्कृति पर्यटन गोलघर * अहिल्या स्थान * सीतामढ़ी * सीता कुंड * बोधगया * मुंडेश्वरी मंदिर * राजगीर * देव छठ मेला * देव सूर्य मंदिर * माँ तारा चंडी मंदिर * नालन्दा महाविहार * सोनपुर मेला * बराबर गुफाएँ * मंदर पर्वत * गया * देव, बिहार प्रमंडल सारण * कोसी * तिरहुत * दरभंगा * पटना * पूर्णिया * भागलपुर * मगध * मुंगेर जिले सारण * अरवल * अररिया * औरंगाबाद * कटिहार * किशनगंज * कैमुर * खगड़िया * गया * गोपालगंज * बेगूसराय * दरभंगा * मधुबनी * समस्तीपुर * बाँका * भागलपुर * मधेपुरा * सहरसा * सुपौल * जहानाबाद * नवादा * जमुई * मुंगेर * लखीसराय * शेखपुरा * भोजपुर * बक्सर * पटना * रोहतास * नालंदा * सीवान * पश्चिम चंपारण * पूर्वी चंपारण * पूर्णिया *मुजफ्फरपुर * शिवहर * सीतामढ़ी • वैशाली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा • अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डा गया * जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल पटना * बिहटा वायुसेना हवाई-अड्डा नगर निगम पटना नगर निगम * छपरा नगर निगम *बिहारशरीफ नगर निगम * दरभंगा नगर निगम *आरा नगर निगम *भागलपुर नगर निगम *गया नगर निगम *मुजफ्फरपुर नगर निगम *मुंगेर नगर निगम * बेगूसराय नगर निगम * पूर्णिया नगर निगम * कटिहार नगर निगम नगर परिषद बख्तियारपुर नगर परिषद * फतुहा नगर परिषद * बरबीघा नगर परिषद * महानार नगर परिषद नगर पंचायत सोनपुर नगर पंचायत श्रेणी: • भारत के राज्य दिक्चालन सूची • लॉग इन नहीं किया है • वार्ता • योगदान • अंक परिवर्तन • खाता बनाएँ • लॉग इन • लेख • संवाद • पढ़ें • स्रोत देखें • इतिहास देखें खोजें • मुखपृष्ठ • चौपाल • हाल में हुए परिवर्तन • हाल की घटनाएँ • समाज मुखपृष्ठ • निर्वाचित विषयवस्तु • यादृच्छिक लेख योगदान • प्रयोगपृष्ठ • अनुरोध • दान करें सहायता • सहायता • स्वशिक्षा • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न • देवनागरी कैसे टाइप करें • दूतावास (Embassy) उपकरण • यहाँ क्या जुड़ता है • पृष्ठ से जुड़े बदलाव • फ़ाइल अपलोड करें • विशेष पृष्ठ • स्थायी कड़ी • इस पृष्ठ पर जानकारी • यह लेख उद्धृत करें • छोटा यू॰आर॰एल • Wikidata प्रविष्टि मुद्रण/निर्यात • पुस्तक बनायें • पीडीएफ़ रूप डाउनलोड करें • प्रिन्ट करने लायक अन्य परियोजनाओं में • विकिमीडिया कॉमन्स • विकियात्रा अन्य भाषाओं में • বাংলা • English • ગુજરાતી • ಕನ್ನಡ • മലയാളം • मराठी • தமிழ் • తెలుగు • اردو 108 और भाषाएँ कड़ी संपादित करें • अन्तिम परिवर्तन 18:39, 30 सितंबर 2020। • यह सामग्री क्रियेटिव कॉमन्स ऍट्रीब्यूशन/शेयर-अलाइक लाइसेंस के तहत उपलब्ध है; अन्य शर्ते लागू हो सकती हैं। विस्तार से जानकारी हेतु देखें उपयोग की शर्तें • गोपनीयता नीति • विकिपीडिया के बारे में • अस्वीकरण • मोबाइल दृश्य • डेवेलपर्स • Statistics • कुकी का वर्णन

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